राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर अशोक गहलोत का बयान, बोले- “पवित्र काम में चोरी की बात सामने आना विश्वासघात जैसा”
Ashok Gehlot's statement on the Ram Mandir offering controversy
Ashok Gehlot's statement on the Ram Mandir offering controversy, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रेस कॉन्फ्रेस करके अयोध्या राम मंदिर निर्माण के दौरान राजस्थान से जाने वाले पत्थरों के बारे में बताया. उन्होंने कहा, "राम मंदिर का निर्माण हो रहा था तो भरतपुर के बंसी पहाड़पुर से पत्थर जा रहे थे. दिल्ली में चंपत राय से हमारी मुलाकात हुई तो मैंने उनसे कहा कि आप पवित्र काम कर रहे हैं तो अवैध पत्थर मत ले जाओ. लीगल माइनिंग का पत्थर ले जाओ, क्योंकि बंसी पहाड़पुर क्षेत्र में अवैध माइनिंग हो रही थी. बात पीएमओ तक गई तो नृपेंद्र मिश्रा मेरे संपर्क में आए."
नृपेंद्र मिश्रा को पूरी बात बताई
गहलोत ने कहा, "नृपेंद्र मिश्रा को मैंने पूरी बता बताई. फिर हमने रिकमेंड किया वहाँ उस एरिया को फारेस्ट से निकालने का. फिर फारेस्ट एरिया से निकाला गया. राम मंदिर का मामला था, तो स्मूथली वो काम भी हो गया वरना तो वो वर्षों लग जाते हैं, निकलता नहीं है. हमें धन्यवाद भी दिया गया, वो अलग बात है.
"विश्वासघात वाली बात हो गई"
उन्होंने कहा, "इस पवित्र काम में भी चोरी हो जाए या इतने बड़े रूप में जो आरोप लग रहे हैं और ऐसा माहौल बन जाए कि पूरे देश के अंदर हर गांव में, हर घर में चर्चा होने लग जाए तो एक विश्वासघात वाली बात हो गई."
"चोरी का मुद्दा गांव-गांव तक पहुंच गया"
उन्होंने कहा कि राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी का मुद्दा देश के गांव-गांव तक पहुंच गया है, सभी लोगों में इसे लेकर आक्रोश है. प्रभु श्रीराम के अयोध्या स्थित मंदिर से करोड़ों लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं, जिसे BJP-RSS ने भयंकर ठेस पहुंचाई है.
गहलोत ने कहा कि BJP-RSS और VHP के लोगों ने मिलकर एकतरफा तरीके से मंदिर ट्रस्ट बनाया, लेकिन किसी की कोई जवाबदेही तय नहीं की गई. बताया जा रहा है कि इन्हें चढ़ावा चोरी होने की जानकारी बहुत पहले से थी, लेकिन इसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई और बातों को दबा दिया गया.